बेलारूस की राजधानी मिंस्क में 20 दिसंबर को क़रीब दो हज़ार लोगों की भीड़ नारा लगा रही थी कि वो 'साम्राज्यवादी रूस' के साथ नहीं आना चाहते हैं. यह विरोध दोनों देशों के बीच संभावित गठजोड़ को लेकर था. दोनों देशों में गहरे आर्थिक संबंधों को लेकर बात चल रही है. रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और बेलारूस के राष्ट्रपति अलेक्जेंडर लुकाशेंको सेंट पीटर्सब र्ग में मिले थे. दोनों राष्ट्रपतियों की 15 दिनों में यह दूसरी मुलाक़ात थी. पुतिन ने मुलाक़ात के बाद कहा था कि दोनों नेता सहमति की ओर बढ़ रहे हैं. हालांकि मुलाक़ात के बाद रूस के वित्त मंत्री मैक्सिम ओरेश्किन ने कहा था कि दोनों प क्षों में तेल और गैस पर सहमति नहीं बन पाई है. प्रदर्शनकारियों को डर है कि दोनों देशों के बीच बढ़ते आर्थिक संबधों से उन्हें सो वियत संघ के विघटन के बाद जो आज़ादी मिली थी उसमें कमी आएगी. प्रदर्शनकारियों के हाथ में प्लैकार्ड्स थे. इ न प्लैकार्ड्स पर लिखा हुआ था- 'पहले क्राइमिया और अब बेलारूस. क़ब्ज़ा बंद हो.' दोनों देशों में संभावित गठजोड़ को लेकर बेलारूस में प्रद...